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[मेरा कविता संग्रह छप गया है (कविता प्रेमी कृपया पढ़ें)] के सम्बंधित लेख
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* * * हम सभी गांधी जी को अपना गुरु मानते है. पर क्या आप बता सकते है कि गांधी जी अपना गुरु किसे मानते थे ? मेरा सवाल 67 का सही उत्तर – बुर्ज खलीफ़ा. श्री मनोज ...समाज
चिट्ठा
13 घण्टे पूर्व एक ज़िद्दी धुन... पर Ek ziddi dhun
शिरीष कुमार मौर्य ने बहुत धीरज, गम्भीरता, संयम और निष्ठा से ऐसी कविता सम्भव की है, जिसमें जीवन-द्रव्य की सान्द्रता है और आत्मतत्व की उदात्तता। यह इस बदौलत ...कला
चिट्ठा
13 घण्टे पूर्व BAL SAJAG... पर BAL SAJAG
पान ने बनाया सबसे बड़ा डान एक था पान का पत्ता दिखने में लगता जैसे लत्ता सब इसको खाते कलकत्ते में, अधिक दबाते इसको मुंह में। पान सबका मुंह करता लाल, तब तक ...समाज
चिट्ठा
जीवन और जगत जैसा हमको प्रत्यक्ष दिखा, वैसा, हाँ केवल वैसा, हमने निष्पक्ष लिखा ! मानव-समता का स्वप्न, हमारा आदर्श सदा, जिसको धारण कर, जन-जन जीवन-उत्कर्ष सधा ! प्रतिश्रुत ...कला
चिट्ठाकार
15 घण्टे पूर्व BAL SAJAG... पर BAL SAJAG
चिड़िया के घोसले में अंडा एक दिन मैंने देखा था , चिड़ियों के घोसले में अंडा था । उस अंडे में बच्चे थे, बच्चे सबसे अच्छे थे। चिड़िया जब जब आती थी , बच्चों के मुहं में ...समाज
चिट्ठा
आज फिर अल्लसुबह उसी तुलसी के विरवा के पास केले के झुरमुटों के नीचे पीताम्बर ओढ़े वो औरत नित्य की भांति दियना जला रही थी ! मै मिचकती आँखों से उसे देखने में रत ...समाज
चिट्ठा
17 घण्टे पूर्व BAL SAJAG... पर BAL SAJAG
थोड़ी सी कर ले पढाई मैदान में लगी है कितनी घास , जिसमें लगती है रोज लात। जानवर उसको खाते है , अपना पेट फुलाते है । उसी घास में सब खेलते है , मौज मस्ती करते है । मौज ...समाज
चिट्ठा
नितांत एकाकी नदी हूँ जब कोई न था, जब कुछ भी नहीं रहेगा अंत के बाद भी बहता रहूँगा वह उस दुनिया का सबसे बड़ा भ्रम ही है जिन्हें दीखता है मेरी गोद में सूर्य, चंद्र, ...समाज
चिट्ठाकार
19 घण्टे पूर्व BAL SAJAG... पर BAL SAJAG
संसार अनोखा आसमान में है जो तारे, टिम - टिम कर टिमटिमाते सारे। टिमटिमाते है जो तारे, देखने में लगते है कितने प्यारे। आसमान में एक सूरज अपना, जिसके बारे में हम ...समाज
चिट्ठा
इन दिनों बेहद मुश्किल में है मेरा देश दरवाज़े की कोई भी खटखट हो सकती है उनकी ज़रूरी नही कि रात के अंधेरों ही में हो उनकी आमद किसी भी वक़्त हमारी ज़िंदगी में उथल-पुथल ...समाज
चिट्ठाकार
21 घण्टे पूर्व सैनी संवाद... पर सैनी संवाद
अभिषेक सैनी रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी द्वारा संचालित विभिन्न स्कूलों का दो दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव 30-31 जनवरी को आयोजित किया गया। खेल उत्सव के उद्घाटन ...समाज
चिट्ठा
23-1-2010 को Hindi Sahitya Sarovar... पर Nand Lal Bharati
आज मुझे लग रहा है बसंत दस्तक दे चुका है मेरी चौखट पर क्योकि मेरे आंसू कुसुमित होने लगे है मन की गहराई से उपजे शब्द ज़माने को भाने लगे है अभिमानी लोग भी अब समय ...समाज
चिट्ठा
24-1-2010 को Hindi Sahitya Sarovar... पर Nand Lal Bharati
* Nand Lal Bharati M.A.(Sociology) L.L.B.(HONS) PGD in Human Resource Development Author Residence: Azad Deep -15-M, Veena Ngar Indore(MP) 452010 Ph-071-05755 Mob-0975081066 Email-nlbharatiauthor@gmail.com पीड़ा आज कमजोर भय के दौर से गुजर रहा है दींन को दीन ...समाज
चिट्ठा
27-1-2010 को Hindi Sahitya Sarovar... पर Nand Lal Bharati
सच्चा धन (कविता) अक्षम हूँ गम नहीं चमकते सिक्को से भरपूर पास नहीं है जो । पर गम है इसलिए नहीं कि ऊँचा पद और दौलत का ढेर नहीं बस इसलिए कि आज यही तय करने लगा है आदमी ...समाज
चिट्ठा
1 दिन पूर्व छोटी गली...... पर चन्दन कुमार
काफी लंबा अरसा बीत गया। इस दौरान कई ख्याल मेरे जेहन में आए। तुम्हारी याद भी आई। मैंने कुछ वायदे किये थे तुमसे। वह वायदा क्या था। तुम्हें नहीं पता। मुमकिन है ...समाज
चिट्ठा
सामयिक कविता: संजीव 'सलिल' * हर चेहरे की अलग कहानी, अलग रंग है. अलग तरीका, अलग सलीका, अलग ढंग है. * भगवा कमल चढ़ा सत्ता पर जिसको लेकर गया पाक बस में, आया हो बेबस होकर. भाषण ...समाज
चिट्ठा
* * * हाल ही में दुबई में बनाई गई दुनिया कि सबसे ऊंची ईमारत का नाम क्या है ? मेरा सवाल 66 का सही उत्तर –.गिलहरी सुश्री इन्दु पुरी जी द्वारा सर्वप्रथम सही उत्‍तर ...समाज
चिट्ठा
1 दिन पूर्व ऋषभ उवाच... पर ऋषभ Rishabha
''भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद्'' के सहयोग से ''अक्षरम'' द्वारा दिल्ली में आयोजित द्विदिवसीय आठवें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव के अवसर पर डॉ कविता वाचक्नवी ...समाज
चिट्ठा
1 दिन पूर्व Naya Din Nayee Kavita... पर Ashok Vyas
कभी कभी यूँ होता है हम अपने हिस्से की ज़मीन छोड़ देते हैं शायद इसलिए की हममें उतना विश्वास नहीं होता कि हम धरती को पैदावार के लिए राजी करने जितना पसीना कुशलता ...समाज
चिट्ठा
2 दिन पूर्व ... पर नियंत्रक । Admin
खुशियों का संसार है जीवन का आधार है। सुख ही नहीं दुख भी बाँटे ऐसा मेरा परिवार है।। माँ-बाबूजी कदम-कदम पर सही गलत समझाते हैं। भटकें ना जीवन की राहों में ऐसे ...समाज
चिट्ठा
2 दिन पूर्व umichhindi Winter 2010... पर Shivani
मुझे नाचने का बहुत शौक है और मैं हर तरह का नाच सीखा है जैसे कि भरतनाट्यम, भंगड़ा, सालसा, टांगो, चा-चा वगैरह. लेकिन मेरा सबसे मनपसंद नाच एक भारतीय नाच है और वह है ...समाज
चिट्ठा
2 दिन पूर्व हिंदी-हृदय:नीरज... पर knkayastha
1.पतंग डोर मेरे हाथ मेंसरसर उड़ती पतंग,जैसे ईश्वर और इंसान का संग। 2.पंखापंखा घूमें कमरे मेंहवा में फैले तरंग,जैसे कर्म भाग्य का संग। 3.शराबतन में उतर कर शराबतनकर ...कला
चिट्ठाकार
कविता लिखनी हो तो खुशी की लिख, इनको बीती यादों मे ना डुबोया कर, बहुत कुछ है आज में लिखने के लिए, इस आज की खुबसूरती को शब्दों में पिरोया कर, घर से बाहर निकल, देख ...कला
चिट्ठा
तारों भरी रात में, चाँदनी की बरसात में, शब्दों के जुगनुओं से, आने वाली काली रातों को भी रोशन करता था, मैं कविता लिखा करता था, लिखता था मैं कुछ अपने लिए, दिल की ...कला
चिट्ठा
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sach me sochne ke liye majboor karti hai ye kavita...
3 मिनट पूर्व काव्यमंजूषा...... पर "दीपक 'मशाल'"
these pictures are from oregon coast, usa
7 मिनट पूर्व स्वप्नदर्शी...... पर "स्वप्नदर्शी"
खुशदीप जी . शेर को बाबा के साथ बैठा दो बेचारा पा...
15 मिनट पूर्व देशनामा... पर "boletobindas"
हमेशा की तरह बेहतरीन और उपयोगी जानकारी. आभार.
25 मिनट पूर्व शब्दों का सफर...... पर "Udan Tashtari"
aaj ki samay mein jwalant samsya ki or ishaara kar...
28 मिनट पूर्व काव्यमंजूषा...... पर "'अदा'"
बहुत अच्छी जानकारी दी आपने इस स्तम्भ के बारे में. ...
28 मिनट पूर्व काव्य मंजूषा...... पर "Udan Tashtari"
बहुत सुन्दर तस्वीरे
29 मिनट पूर्व स्वप्नदर्शी...... पर "M VERMA"
होंगे आशिक़ कई जो सहते जुल्म-ओ-सितम तुम्हारे पर हो...
34 मिनट पूर्व जीवन के पदचिन्ह...... पर "M VERMA"
इतना बड़ा प्रशांत महासागर .... उसके किस छोर की कहा...
35 मिनट पूर्व स्वप्नदर्शी...... पर "boletobindas"
beautiful pics.
36 मिनट पूर्व स्वप्नदर्शी...... पर "अमिताभ मीत"
जानकारी के लिए आभार.
39 मिनट पूर्व काव्य मंजूषा...... पर "अमिताभ मीत"
बहुत उम्दा संदेश देती बेहतरीन कुण्डली.
57 मिनट पूर्व नन्हा मन... पर "Udan Tashtari"
जिन्दगी के स्वर्णिम बेफिक्री के दिन स्कूल टाइम के...
1 घण्टे पूर्व वृद्धग्राम... पर "वाणी गीत"
ये टिप्पा का टिप्पा शानदार है ...
1 घण्टे पूर्व टिप्पी का टिप्पा...... पर "वाणी गीत"
कभी भूले ही नहीं जिसे, उसे कोई कैसे याद दिलाएं वा...
1 घण्टे पूर्व जीवन के पदचिन्ह...... पर "Smart Indian - स्मार्ट इंडियन"
सुन्दर मधुर गीत ...!!
2 घण्टे पूर्व काव्यमंजूषा...... पर "वाणी गीत"
आँख होते हुए कोई कुँए में गिरे ...कुसूर किसका ...ए...
2 घण्टे पूर्व अनकही... पर "वाणी गीत"
मार्मिक ... मार्मिक!
2 घण्टे पूर्व एक आलसी का चिठ्ठा...... पर "Smart Indian - स्मार्ट इंडियन"
"मैं बारिश कर दू पैसे की जो तू हो जाये मेरी " को स...
2 घण्टे पूर्व धान के देश में!...... पर "वाणी गीत"
सच ही ये सत्य बड़ा आश्चर्यजनक है ....कितनी इमारते ...
2 घण्टे पूर्व काव्य मंजूषा...... पर "वाणी गीत"
रोटी सा सिंक जायेगा, यूँ ही बिकता जायेगा ग़र गला ...
2 घण्टे पूर्व जज़्बात... पर "'अदा'"
मेरी आँखों में आंसूं है ... समझो तो मोती है ... ना...
3 घण्टे पूर्व नुक्कड़... पर "वाणी गीत"
इस पूरे प्रकरण का अवचित्य मुझे समझ नहीं आया... आपक...
3 घण्टे पूर्व अनकही... पर "'अदा'"
ये जिन्दगी की दिल्ली है ...थोपी जाती है आत्महत्याए...
3 घण्टे पूर्व प्राची के पार......... पर "वाणी गीत"
झूठ काहे बोले ...कई बार सपना में डर जात है तो बजरं...
3 घण्टे पूर्व संवेदना संसार...... पर "वाणी गीत"
क्षद्म वेश में चोर उचक्के देते हैं पैगाम .... रोटी...
3 घण्टे पूर्व जज़्बात... पर "वाणी गीत"
chain pulling.. चेन पुलिंग होने पे कुछ लोग जिन्दगी...
3 घण्टे पूर्व मौन के खाली घर...... पर "अम्बरीश अम्बुज"
"....गुलमर्ग में बर्फ में लापता लोगो के नाम देश के...
3 घण्टे पूर्व पाल ले इक रोग...... पर "अम्बरीश अम्बुज"
शेर को पढना बहुत मुश्किल ...मारना आसान है ... शेर ...
3 घण्टे पूर्व देशनामा... पर "वाणी गीत"